इंटरनेट के जरिए बैंकिंग करने वाले सावधान हो जाएं। अगर उन्होंने अपनी
सतर्कता नहीं बढ़ाई तो उनके बैंक खाते और पासवर्ड के चोरी हो जाने का खतरा
है। दरअसल, भारतीय साइबरस्पेस में एक नया वायरस काफी तेजी से फैल रहा है।
यह बैंक खाते और पासवर्ड को चोरी करने में माहिर है। जैसे ही कोई यूजर
इसे क्लिक करता है, वायरस उसके बैंक खाते के विवरण और पासवर्ड को बड़ी ही
चालाकी से चोरी कर लेता है। देश के साइबर सिक्योरिटी विशेषज्ञों ने नए
संदिग्ध वायरस 'विन32/रैमनिट' के बारे में इंटरनेट यूजर्स को सतर्क कर दिया
है।
देश की प्रमुख साइबर सुरक्षा एजेंसी 'कंप्यूटर एमरजेंसी रेस्पांस
टीम-इंडिया (सीईआरटी-इन)' द्वारा जारी एक एडवाइजरी में कहा गया है कि
रैमनिट वायरस दरअसल टारगेट सिस्टम्स जैसे ईएक्सई, डीएलएल अथवा एचटीएमएल पर
मौजूद फाइलों को इन्फेक्ट या संशोधित करते हुए फैलता है।
एडवाइजरी में बताया गया है, 'यह वायरस अत्यंत खतरनाक है। वह एंटी-वायरस सोल्यूशंस से खुद को छिपाने में सक्षम है।'
ऑनलाइन फ्रॉड से बचने के लिए यूजर्स को इन बातों का ख्याल रखना ही चाहिए:
- कभी भी अपने ऑनलाइन बैंकिंग यूजर आईडी और पासवर्ड को दूसरे के साथ शेयर न करें.
- ऑनलाइन बैंकिंग का यूज अपने पर्सनल कंप्यूटर या लैपटॉप से ही करें.
- अगर कभी अपने वर्क-प्लेस या साइबर कैफे से ऑनलाइन बैंकिंग के लिए
लॉग-इन करते भी हैं तो फिजिकल की-बोर्ड की जगह वर्चुअल की-बोर्ड का
इस्तेमाल करें.
- समय-समय पर अपना पासवर्ड बदलते रहें. पासवर्ड जितना कॉम्प्लेक्स
होगा, उतना ही ज्यादा आपका अकाउंट सुरक्षित होगा. पासवर्ड बनाते समय स्मॉल
लेटर्स, कैपिटल लेटर्स, डिजिट और स्पेशल कैरेक्टर्स को जरुर मिक्स करें.
- जब भी ऑनलाइन बैंकिंग का यूज करें तो अपने ब्राउजर में कोशिश करें
कि कोई दूसरी साइट न खोलें. अगर खोलना बहुत ही जरुरी है, तो उसे किसी दूसरे
ब्राउजर पर खोलें. मसलन क्रोम पर अगर ऑनलाइन बैंकिंग की साइट खोल रखी है,
तो एक्स्प्लोरर या मोजिला पर अन्य साइट्स को खोलें.
- ऑनलाइन बैंकिंग से संबंधी पॉप-अप के अलावा किसी दूसरे पॉप-अप पर क्लिक नहीं करें.
- ऑनलाइन बैंकिंग का यूजर आईडी और पासवर्ड कभी भी कंप्यूटर और लैपटॉप
में सेव नहीं करें, और नहीं सोशल नेट्वर्किंग साइट्स या मेल में भी ड्राफ्ट
नहीं करें.


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